हाई वे पर महिलाअों का सफर अौर उफ्फ उन शौचालयों का हाल...

अपने घर की किसी महिला सदस्य या बुजुर्ग के साथ सड़क मार्ग से लंबा सफर तो अापने भी कभी न कभी किया ही होगा। कैसी विवशता होती है जब इन्हें सफर के दौरान शौचालय जाने की जरूरत होती है लेकिन रास्ते में ऐसा कोई साफ-सुथरा शौचालय नहीं मिलता जिनका वे इस्तेमाल कर सकें। जो शौचालय मिलते भी हैं वे इतने गंदे कि उनका इस्तेमाल तमाम स्वास्थ्य समस्याअों का कारण बन जाए। देश में लंबे हाई वे का जाल बिछाने अौर स्वच्छ भारत का खूब जोर है लेकिन हाई वे पर साफ-स्वच्छ शौचालय बनाना प्राथमिकता में नहीं।  

जबकि महिलाअों का यह अधिकार है कि उनके लिए हाई वे पर साफ-सुथरे शौचालयों की व्यवस्था हो। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की यह जिम्मेदारी है। उसे इस जिम्मेदारी का अहसास दिलाने के लिए ही वासुदेव शर्मा ने Change.org पर अॉनलाइन मुद्दा उठाया है। 

जिसमें उन्होंने लिखा है कि ‘हर अाम भारतीय इन दिनों सरकार के खाते में कई तरह के टैक्स अौर सेस अदा कर रहा है।ऐसे में यह हमारा हक है कि सफऱ के दौरान हमें स्वच्छ अौर सुरक्षित बुनियादी सुविधाएं दी जाएं। अाइए, हम सब मिल कर यह अावाज उठाएं कि हमारे देश में महिला यात्रियों को सफर के दौरान शौचालय जाने के लिए घंटों इंतजार कर अमानवीय यंंत्रणा से न गुजरना पड़े।’ 

वासुदेव शर्मा के उठाए इस मुद्दे का अब तक करीब पौने दौ लाख लोग समर्थन कर चुके हैं। अाप भी इसमें अपना नाम जोड़ने के लिए नीचे दिए गए लाल रंग के बॉक्स पर क्लिक कर हस्ताक्षर कर सकते हैं।